Tuesday, 1 December 2009

बद्रीनाथ धाम

बद्रीनाथ धाम इंडिया का एक प्रसिद्द धाम है !
बद्री का अर्थ है बेर और नाथ का अर्थ है स्वामी
बद्रीनाथ जी भगवन विष्णु को कहा जाता है जो सदियों से हिमालय मे तपस्या कर रहे है
परन्तु वह सदा जाग्रत है और जगत गुरु की भांति अपने भक्त को ज्ञान देते है !
बद्रीनाथ जी को बद्री विशाल भी कहा जाता है
उनके निवास स्थान को विशाल नामक नगरी माना जाता है ,इस कारण उन्हे बद्री विशाल कहा जाता है !
बद्री नाथ जी को नर यानि आत्मा या शिष्य और नारायण यानि परमात्मा यानि गुरु माना जाता है !
प्रत्येक साल हजारो लोग बद्रीनाथ धाम की यात्रा करते है
कहते है की मात्र उनका सुमिरन करने पर भी वो प्रसन हो जाते है

Monday, 12 January 2009

सरस्वती का अर्थ

सरस्वती का अर्थ है जो सारस पर सवार है
सारस का मतलब बुद्धि है
सरस्वती बुद्धि की देवी है !
हम यह भी कह सकते है -परमात्मा बुद्धिरुपी शक्ति है
बसरा, आंध्र प्रदेश और कूथानूर मे उनके अति प्रिय मन्दिर है
सत्य यह है की सबसे बड़ा मन्दिर उनकी स्तुती है !
उनका सुमिरन ही उनका मंत्र है !
जब भी हम उनका सुमिरन करते है हम उनको पाएंगे
हर बसंत पंचमी को उनका जनम उत्सव मनाया जाता है
पीले फूल,पीले कपड़े उनको अर्पित किए जाते है
परन्तु यदि किसी को भी ज्ञान प्रदान करे, वो उनकी वास्तविक पूजा है
अनेक लोग सही जानकारी के आभाव में जी रहे है
शिक्षित लोगो को उनकी यथा सम्भव सहायता करनी चाहिये
ग़लत जानकारी के कारन अनेक लोग मुसीबत में फस जाते है
कृपया उनकी सहायता करे
आप निर्धन बच्चो को भी पढ़ा सकते है !
सरस्वती का अर्थ समझे - बुद्धि का सही प्रयोग!
आपका शुभ हो !

Saturday, 10 January 2009

मन की ताकत

हम अक्सर भावुक हो कर ग़लत फैसला ले लेते है
मन पर नियंत्रण हमे अनेक दुविधा से बचाता है
जब भी कोई हमे कड़वा बोले तो हम शान्ति से उसे सहन करे
जब भी नुकसान हो तो सहजता से उसे समझे
मन ही सुख और दुःख का कारन है
ध्यान से परखे तो मन का खेल ही हमे विचलित करता है
असीम भावुकता सदा हमे नुकसान देती है !
शायद ,हम दिमाग का सही इस्तेमाल नही करते !
ठंडा दिमाग और काम से काम -जीवन का रहस्य है
''मन चंगा तो कटोती मे गंगा !''
आपका शुभ हो!

बच्चो का हित

बच्चो के प्रति हमारा व्यावहार हमारा भविष्य निर्धारित करता है !

सड़क के किनारे काम करते ही बच्चे या फ़िर झुग्गी झोपडी में रहने वाले बच्चे भी समाज का हिस्सा है !

वो भी जिंदगी का हिस्सा होना पसंद करेंगे पर हमारी नफरत ,उपेक्षा उनके लिए एक बड़ी दूरी है

लगातार कड़वे अनुभव उनको जीवन से दूर ले जाते है

शायद यही कारन है की अपराध जगत के काफी सदस्य बचपन का कड़वा पण झेल चुके है

हम अगर थोडी कोशिश करे तो यह बच्चे भी पड़ लिख सकते है

अनेक समाज सेवा संस्था बच्चो के हित में काम करती है,जैसे वे कई स्कूल या छात्रावास चलती है

यह बच्चे वह पढ़ लिख सकते है

भारत मे चाइल्ड रिलीफ़ एंड यू और प्रयास बच्चो के हित में काम करने वाले जाने मानी स्वयं सेवा संस्था है !

बस थोड़ा सा दान करे !

आपका शुभ हो !

Friday, 9 January 2009

साईं बाबा संसथान

साईं बाबा संसथान,शिर्डी, साईं भक्तो को अनेक सुविधा प्रदान करता है

यह एक सुव्यवस्थित धर्मशाला , अस्पताल , साफ़ सुथरा भोजनालय और दर्शन व्यवस्था का उचित प्रबंध करता है , यहाँ प्रत्येक दान का हिसाब रखा जाता है

अनेक स्वयं सेवक भक्तो की सहायता करते है

यात्री जन यहाँ से उचित मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते है

आप चाहे तो गूगल सर्च मे साईं बाबा संसथान भरे , यह आपको संस्था के वेबसाइट का पता देगा !

जहा से आप जानकारी ले सकते है

आपका शुभ हो

Wednesday, 7 January 2009

सबुरी और श्रद्धा

साईं बाबा की केवल दो मुख्य शिक्षा है - सबुरी और श्रद्धा

सबुरी का अर्थ है सहनशीलता , और श्रद्धा का अर्थ है विश्वास !

जीवन एक सहज मार्ग है पर उसमे हमे अनेक मोड़ मिलेगे !

हम यहाँ अनेक यात्रियों से मिलते है ,कुछ अच्छे कुछ बुरे !

यात्रा हमे थकान और उत्साह भी देती है

पर अगर हम सहन शीलता रखेंगे ,तो यह यात्रा बहुत अच्छी होगी

अगर परमात्मा और स्वात्मा पर विश्वास होगा तो हर प्रक्रिया सहज है!

आपका शुभ हो !

औरत की इज्ज़त

भारत मे औरतो का विशेष सम्मान किया जाता है ,उनको परमात्मा का दर्जा प्राप्त है
हर धर्म मे उनको विशेष सम्मान दिया जाता है
एक औरत ही माता, बहिन, बेटी , भाभी ,बहिन के रूप मे हमारी जीवन यात्रा मे साथ निभाती है
जिस प्रकार से भारत के प्रत्येक क्षेत्र मे औरत आगे है ,वो उनकी कार्य क्षमता साबित करता है
पर पुरुषों का एक वर्ग आज भी औरतो को समानता नही देना चाहता
शायद वे उनसे ख़ुद को हीन मानते है !
शायद इसी लिए वो उन्हे अपशब्द देते है !
यौन हिंसा नफरत का सबसे बड़ा उदाहरण है
मीडिया हर साल बताता है की अभी भी भारत में औरत पूरी तरह से सुरक्षित नही है !
''पर हमे क्या'' की मानसिकता ही औरतो के प्रति अपराध का मुख्य कारन है !
आख़िर मनुष्य और पशु मे बहुत फर्क है !
पर जब हम औरत की इज्ज़त करेंगे तभी तो औरत को समानता मिलेगी