Friday, 2 January 2009

शिर्डी साईं बाबा

साईं नाथ महाराज की जय

शिर्डी महारास्ट्र का एक प्रसिद्ध तीर्थ है .यहाँ साईं बाबा की समाधी है

बाबा को जागृत सद्गुरु माना जाता है ।

उनका वचन है की वोह सदा अपनी भक्तो का ख्याल रखेगे

बाबा ने सदा जात, धर्म , लिंग,रंग रूप का भेदभाव दूर किया

उनका सदा से कहना था -सबका मालिक एक है यानि कोई भी रास्ता लो एक ही स्थान पहुचोगे !

बाबा सदा एक धुनी के पास बैठ कर वेदों का पाठ करते, सदा संस्कृत श्लोको का पाठ करते

उनका हर वचन परम सत्य, मगर पहेली की तरह था

हिंदू उने दत्तात्रय मानते तो मुस्लिम सूफी पीर, पारसी उने परम संत मानते

बाबा परमहंस की भांति सबको प्यार करते ! बाबा टूटी मस्जिद जिससे वो प्यार से मस्जिद माँ कभी द्वारका माँ मे रहते थे

सारा जीवन उन्होने फटे पुराने कपडे पहिने ,रोज सिर्फ़ पाँच घरो से भिक्षा मांगी ।जो भी उने भिक्षा मे मिलता उससे वो तुरंत बाँट देते ।

उनके साथ प्रत्येक क्षण एक चमत्कार था

अंत मे अपनी प्राण शक्ति भी उन्होने एक भक्त के बालक को दान मे दे दी ,

साईं प्रत्यक्ष योगीराज है जो सिर्फ़ सबुरी और श्रद्धा से प्रसन होते है

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